वृषभ राशि
इस माह · अक्टूबर 2026यह महीना वृषभ राशि के लिए स्थिर और उत्साहजनक रहेगा। मीन में बैठे शनि आपके ग्यारहवें भाव, यानी लाभ के भाव में हैं, जो आय और लंबे समय से मन में रखी इच्छाओं में धीरे-धीरे सहयोग देंगे। कर्क में मंगल आपके तीसरे भाव में हैं, इसलिए साहस और परिश्रम से आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। बृहस्पति भी तीसरे भाव में है, अतः विकास धीरे-धीरे और सोच-समझकर होगा। कुंभ में राहु आपके दसवें भाव में है, इसलिए कार्यक्षेत्र और दिशा पर ध्यान रखें। 18 अक्टूबर के बाद सूर्य तुला में प्रवेश करेंगे, तब कार्यों में सुधार का समय आएगा। धैर्य रखें, शुभ परिणाम की संभावना बनी रहेगी।
तुला में बैठे शुक्र आपके छठे भाव में हैं, इसलिए प्रियजनों के साथ धैर्य रखें और दैनिक दिनचर्या में स्नेह बनाए रखें। 18 अक्टूबर तक सूर्य पाँचवें भाव में रहेंगे, जिससे संबंध और संतान से जुड़े विषयों में उत्साह और रचनात्मक विचार आएँगे। मन की बात खुलकर कहें और ध्यान से सुनें। छोटे-छोटे प्रेमपूर्ण कार्य इस महीने गहरा प्रभाव डालेंगे।
बुध छठे भाव में आपकी कार्य-व्यवस्था को सुदृढ़ करेंगे, जिससे योजना बनाने और सहकर्मियों से स्पष्ट संवाद में सहायता मिलेगी। कुंभ में राहु दसवें भाव में हैं, इसलिए अपने काम पर ध्यान दें और दिखावे से बचें। मंगल तीसरे भाव में केंद्रित परिश्रम का अच्छा फल देंगे। बड़े निर्णय शीघ्रता में न लें; धैर्य से लाभ होगा।
इस महीने ऊर्जा का संतुलन बनाए रखें। छठे भाव में शुक्र के कारण दिनचर्या से जुड़ी हल्की थकान या छोटी कठिनाई हो सकती है, इसलिए बीच-बीच में विश्राम लें, पर्याप्त जल पिएँ और भोजन का समय नियमित रखें। ग्यारहवें भाव में शनि शक्ति और सहनशीलता को सहारा देंगे। प्रतिदिन थोड़ा टहलना स्वास्थ्य को उत्तम बनाए रखेगा।
ग्यारहवें भाव में शनि आय और लाभ के अवसर बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं, तथा मित्रों से सहयोग मिल सकता है। कर्क में बृहस्पति तीसरे भाव में हैं, इसलिए व्यय सोच-समझकर और योजना से करें, बड़े जोखिम से बचें। कोई भी ऋण या बड़ी खरीद करने से पहले हिसाब ध्यान से देखें। 18 अक्टूबर के बाद सूर्य छठे भाव में बचत के लिए अनुकूल रहेंगे।
सरल उपाय: शुक्रवार को 'ॐ शुक्राय नमः' ग्यारह बार जपें और किसी आवश्यकता वाले व्यक्ति को थोड़ा दूध या मिठाई दें।
ज्योतिष केवल मार्गदर्शन के लिए है। किसी परिणाम की गारंटी नहीं है।