कुंभ राशि
इस वर्ष · 2026प्रिय कुंभ राशि, यह वर्ष स्थिर प्रगति और कुछ सरल परीक्षाओं का मिश्रण लेकर आया है। मिथुन में बैठा बृहस्पति आपके पाँचवें भाव में है, जो शिक्षा, रचनात्मकता और संतान से जुड़े सुखद अवसर देता है, इसलिए नई विद्या या कला आरंभ करने का यह अच्छा समय है। मीन में शनि आपके दूसरे भाव में है, जो परिवार, बचत और वाणी से जुड़ा है; इसलिए धैर्य रखें, सोच-समझकर बोलें और व्यय सावधानी से करें। आपकी अपनी राशि में राहु आपके मन और आत्मविश्वास पर प्रभाव डाल सकता है, जबकि सिंह में केतु सातवें भाव में होने से साझेदारी और व्यापारिक लेन-देन में सावधानी का संकेत देता है। मंगल पूरे वर्ष अलग-अलग भावों से गुजरता है, जिससे ऊर्जा की लहरें आती हैं; इसे परिश्रम और व्यायाम में लगाएँ तो सबसे अधिक लाभ होता है। बड़े निर्णय जल्दी में न लें, एक-एक कदम आगे बढ़ें। हर चुनौती से आपका आंतरिक बल बढ़ता है, और वर्ष के अंत तक उन्नति और शांति के अच्छे अवसर बने रहते हैं।
प्रेम में मिथुन का बृहस्पति आपके पाँचवें भाव में गर्मजोशी और आनंद लाता है। सिंह में केतु सातवें भाव में होने से संबंध में शांत और ईमानदार बातचीत की आवश्यकता है, इसलिए बोलने से अधिक सुनने का प्रयास करें। अविवाहित हैं तो मित्रता को धीरे-धीरे पनपने दें। जोड़े मिलकर कोई रचनात्मक गतिविधि साथ करें। इस वर्ष धैर्य और दयालुता बड़े उपहारों से अधिक काम आएँगे।
करियर में इस वर्ष स्थिर परिश्रम से प्रगति होती है। मंगल जब आपके तीसरे और छठे भाव से गुजरता है, तब आपके कार्य और दैनिक दिनचर्या को बल मिलता है, इसलिए अपने काम को व्यवस्थित रखें। अपनी राशि में राहु मन में बेचैनी ला सकता है, इसलिए दिशा बार-बार बदलने से बचें। वर्ष के अंत में मंगल सातवें भाव में होने से समझौतों और साझेदारी के कामों को ध्यान से जाँचें। ईमानदार प्रयास को समय के साथ पहचान मिलती है।
स्वास्थ्य के लिए इस वर्ष संतुलित दिनचर्या सबसे अधिक सहायक है। आपकी राशि में राहु मूड और ऊर्जा को प्रभावित कर सकता है, इसलिए अच्छी नींद लें, पर्याप्त पानी पिएँ और बीच-बीच में विश्राम करें। मीन में शनि दूसरे भाव में है, जो भोजन से जुड़ा है; सादा और नियमित भोजन करें और थकान के समय वाणी में कोमलता रखें। मंगल कभी-कभी बेचैन ऊर्जा देता है, इसलिए कठिन व्यायाम के साथ खिंचाव और गहरी साँस का अभ्यास भी करें।
धन के मामलों में इस वर्ष सोच-समझकर योजना बनाना लाभकारी है। मीन में शनि दूसरे भाव में होने से बचत को प्राथमिकता दें और बिना सोचे व्यय से बचें, इसलिए हर महीने अपना बजट देखें। मिथुन में बृहस्पति पाँचवें भाव में है, जो बुद्धिमानी से सीखने और रचनात्मक विचारों से आय के नए मार्ग खोल सकता है। सिंह में केतु सातवें भाव में होने से व्यापारिक अनुबंध हस्ताक्षर से पहले ध्यान से पढ़ें। अप्रत्याशित व्यय के लिए थोड़ी बचत रखें; इससे मन को शांति मिलती है।
सरल उपाय: शनिवार को 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' का 11 बार जाप करें और किसी आवश्यकता वाले व्यक्ति को भोजन या काले तिल का दान करें।
ज्योतिष केवल मार्गदर्शन के लिए है। किसी परिणाम की गारंटी नहीं है।